Mushroom farming : मशरूम की खेती से यह किसान कमा रहा लाखो रुपये

Mushroom farming Indian Farmer Success Story मशरूम की खेती से यह किसान कमा रहा लाखो रुपये : हेलो दोस्तों हम बात कर रहे है मशरूम की यह आज के बड़े पैमाने पर खाने जाने वालो में से एक मुख्य सब्जी है ! आप को बता दे की किसानो के पास इस सब्जी का उत्पादन में बहुत ही कठिन कार्य होता है ! हम आपको बता दे की आज तक मशरूम को उत्पादित नहीं किया जा सका है किन्तु अब ऐसा प्रतीत हो रहा है की इसके उत्पादन में वृद्धि की जा सकेगी ! आज के समय में मशरूम की मार्केटिंग सेक्टर में डिमांड ही अधिक है आज के समय में जो इस को खाना शान समझते है |

Agriculture Farmer Success Story 

माननीय मोदी जी को भी मशरूम खाना बेहद पसंद है तथा वे अपनी सबसे पसंदीदा चीजों में मशरूम को सम्मिलित करते है ! आज के समय में हम देखे तो इस के उत्पादन का ज्ञान सभी लोगो को उतना नहीं है जितना की होना चाहिए तथा आप को बता दे की किसान की दशा में सुधार के लिए किसानो को इस की खेती के बारे में जानकारी मिले इस के लिए भी प्रयास किये जा रहे है |

Mushroom farmer Motaram Sharma Rajshthan

क्या आपको पता है दोस्तों की राजस्थान के सीकर जिले के नानी गांव में मोटाराम शर्मा किसान ने अपने लिए अधिक से अधिक कार्य कर के मशरूम की फसल का उत्पादन कर लिया है ! आप को बता दे की उन्होंने अधिक प्रयास कर के यह बताया की विपरीत एटमॉस्फियर में भी इन की कृषि की जा सकती है ! आप को बता दे की उन्हें अधिक से अधिक लाभ मिले इस के लिए इस की कृषि का महत्त्व रहा है ! मोटाराम जी ने सेफ मशरूम उत्पादन में वृद्धि करने तथा उस के उत्पादन का प्रयास किया है जिसमे उन्हें सफलता मिली है |

उन्होंने ऋषि मशरूम, पिंक मशरूम, शाजर मशरूम काजू, ब्लेक ईयर, कबुलाई मशरूम इस ही प्रकार के अन्य 16 किस्मो के मशरूम के उत्पादन में सफलता हसिल की है ! आप को बता दे की उन्होंने कोडी सेफ मशरूम के उत्पादन करके भारी मात्रा में क्रांति को जन्म दे दिया है ! आप को बता दे की उनके द्वारा उत्पादित किये गए इस मशरूम की मार्किट प्राइज़ 2 लाख रूपये प्रति किलो है ! जिससे की विभिन्न प्रकार के रोगो का भी इलाज होता है |

 सेहत के लिए बहुत ही लाभदायक है मशरूम 

यह मशरूम एक बहुत ही दुर्लभ प्रकार की प्रजाति का मशरूम है और आप को बात दे की यह मुख्य रूप से चीन तथा तिब्बत, मलेशिया एवं कोरिया में ही पाया जाता है ! भारत में मुख्य रूप से यह आपको हिमाचल प्रदेश की वादियों में देखने को मिलता है ! इस मशरूम की विदेशो में भारी मांग है एवं इस के द्वारा बड़ी मात्रा में लोग पैसे खर्च करने के लिए तत्पर्य रहते है ! यह मशरूम किसी भी बर्फीले स्थान पर या हिमाचल प्रदेश में बर्फ के पिघलने पर उस में मरे कीड़े की सर में लागि फफूंद के माध्यम से पैदा किया जाता है |

यह फफूंद की परख नली में उस पर प्रयोग में लाया जाता है तथा इस कीड़े को स्थानीय भाषा में लोग कीड़ा जड़ी बोलते है ! आप को बता दे की इस का प्रयोग कैंसर तथा HIV, मधुमेह एवं अन्य प्रकार की बीमारियों के इलाज में किया जाता है !इस के द्वारा सभी तरह की दवाइया में प्रयोग किया जाता है ! और उन्होंने आक्टोक्लेव पद्धति के माध्यम से ब्राउन राईस तैयार किया है |

Mushroom farming In Hindi

आज के समय में वे सभी को इस विधि के माध्यम से यह मशरूम के उत्पादन का प्रशिक्षण दे रहे है ! उन्हें सम्मान से भी नवाजा जा चूका है और उन्होंने हिमाचल प्रदेश में अपनी नयी प्रयोग शाला का उत्पदान किया है ! आपको बता दे की उन्होंने वहा पर प्रशिक्षण देने का नयी किस्मो का भी प्रतिपादन किया है जो की सभी को लाभ दे रही है 

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