दीनदयाल अंत्योदय योजना

दोस्तों जैसा की आप सभी जानते ही हैं की सरकार द्वारा चलाई जा रही Deen Dayal Antyodaya Yojana जैसी सभी योजनाओं के बारे में बहुत ही कम लोगों को पूरी जानकारी रहती है पर बहुत से ऐसे व्यक्ति हैं जिन्हें ऐसी योजनाओं के बारे में कुछ भी जानकारी नहीं रहती क्योंकि ज्यादातर इंटरनेट पर इन योजनाओं को अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित किया जाता है. पर दोस्तों अब यहां पर हम आपको इस Deen Dayal Antyodaya Yojana के बारे में पूरी जानकारी हिंदी भाषा में देने बाले हैं ताकि किसी को भी यह जानकारी पढ़ने मैं कोई समस्या ना आये तो चलिए ज्यादा समय को ना बर्बाद करते हुए इस Deendayal antyodaya yojana योजना के बारे में विस्तार से समझते हैं

दीनदयाल अंत्योदय योजना पंजीकरण

दोस्तों दीन दयाल अंत्योदय योजना भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय (MoRD), द्वारा 2011 में स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना (SGSY) के पुनर्गठन संस्करण के रूप में शुरू की गई थी। सरकार की इस अंत्योदय योजना का उद्देश्य ग्रामीण गरीबों के लिए कुशल और प्रभावी संस्थागत मंच तैयार करना है ताकि उन्हें स्थायी आजीविका संवर्द्धन के माध्यम से घरेलू आय में वृद्धि करने में मदद मिल सके और वित्तीय सेवाओं में सुधार हो सके।

यहां पर हम आप सभी को एक महत्वपूर्ण बात बता दें क्योंकि कम ही लोगों को यह पता है कि नवंबर 2011 में, स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना कार्यक्रम का नाम बदलकर दीनदयाल अंत्योदय योजना (DAY-NRLM) कर दिया गया।

योजना का नामदीनदयाल अंत्योदय योजना
किसने शुरू की हैप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी
कब शुरू की25 सितंबर 2014
विभागग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार
लाभग्रामीण युवाओ को रोजगार उपलब्ध कराना
वेबसाइटhttps://aajeevika.gov.in/
आवेदन प्रक्रियाऑनलाइन

दीनदयाल अंत्योदय योजना का उद्देश्य क्या है?

जैसा कि इस संबंध में थोड़ी सी जानकारी हम आपको ऊपर भी दे चुके हैं। आपको बता दें कि दीनदयाल अंत्योदय योजना राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के जरिए गरीबों के सामुदायिक संस्थानों के माध्यम से गांवों में गरीबी खत्म करने तथा आजीविकास के विभिन्न स्रोतों को बढ़ावा देने का कार्य निहित है। 2024-25 तक 10-12 करोड़ परिवारों को स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से सुविधा देना भी इसका लक्ष्य हैवहीं, दीनदयाल उपाध्याय योजना राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (DAY-NULM) के तहत शहरी गरीबों के कौशल विकास यानी स्किल डेवलपमेंट और आजीविका के अवसरों में बढ़ोत्तरी कर उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान करना है। या आप यूं भी कह सकते हैं कि इस योजना का लक्ष्य मूल रूप से शहरी बेघरों के लिए आवश्यक सेवाओं से लैस आश्रय प्रदान करना है।

स्वरोजगार कार्यक्रम :

इस योजना के तहत व्यक्तिगत तथा समूह उद्यमों हेतु प्रोत्साहन तथा वित्तीय सहयोग हेतु बैेकों से जुडाव करवाया जाता है। शहारी गरीबों हेतु व्यक्तिगत उद्यम स्थापित करने हेतु 2लाख तक का ऋण 7 प्रतिशत ब्याज पर उपलब्ध कराया जाता है। इस हेतु किसी की गांरटी की आवश्यकता नहीं होती । षहरी गरीब महिला समूह अथवा मिशन द्धारा गठित यदि उद्यम करना चाहें तो अधिकतम रू.10 लाख तक का ऋण 4प्रतिशत ब्याज दर पर उपलब्ध करवाया जाता हैं। उपरोक्त ऋ़ण के सापेक्ष ब्याज अनुदान बैंकों को प्रदान किये जाते है। व्यक्तिगत तथा समूह उद्यमियों द्धारा ससमय भुगतार करने की स्थिति में 7 प्रतिशत की अनुदानित दर पर ऋण सुविधा करवाई जाती है। महिला समूहोंह हेतु 3 प्रतिशत की अतिरिक्त छूट अनुदान ब्याज राशि बैंकों को निर्गम की जाती है।

सामाजिक संगठन एवं संस्थान विकास

इस घटक के तहत संसाधन संस्थाओं के माध्याम से स्वंय सहायता समूह गठित किए जाते है। इस समूहों को त्रिस्तरीय संगाठनिक सामूहिक संरचना (स्वयं सहासता समूह ,क्षेत्र स्तरीय संघ एवं नगर आजिविका केन्द्र ) में संगठित किया जाता है। इस योजना के तहत स्वंय सहायता समूह तथा क्षेत्र स्तरीय संघ को क्रमश; रू.10 हजार तथा 50 हजार की आवर्ती निधि का सहयोग प्रदान किया जाता है।ळ नगर स्तरीय संघ के मघ्यम से शहरी गरीब आजिविका केन्द्रों की स्थापना की जा सकती है। 10 लाख प्रति इकाई की दार से अनुदान की अनुमन्यता है।

यह केन्द्र शहरी गरीबों द्धारा उत्पादित वस्तुओं एवं सेवाओं की मांग तथा आपूर्ति के बीच रिक्त स्तान को भरने का कार्य करंगंे। इसके अलावा इन केन्द्रों द्धारा शहरी गरीबों हेतु सूचना तथा व्यवसाय सहायता सेवाएं प्रदान की जा सकती है। निकाय स्तर पर शहरी गरब महिलाओं को संगठित करके आजीविका हेतु प्रोत्साहन करना। शहरी पथ विक्रेताओं हेतु कार्यक्रम

शहरी क्षेत्र में फेरी व्यवसायियों का पंजीकरण नहीे होने के कारण वह असुरक्षित महसूस करते है । इसके अलावा उनके लिए कोई निर्धारित स्थान नहीं होने होने की वजह से उन्हं अपना व्यवसाय करने में भारी परेशानीयां होती हैं इस योजना के तहत फेरी के लिए सुरक्षित व्यवसाय करने हेतु फेरी स्थल चिन्हित किये जाने हेतु नगर स्तरीय फेरी व्यवसाय सर्वेक्षण कराया जाता है। इसके आधार पर फेरी व्यवयसयियों को निम्नांकित सुविधाएं प्रदान की जाती है।

1 नगर निकायों द्धारा फेरी व्यवसायियों को पहचान पत्र जारी करना।
2 नगरीय फेरी व्यवसाय योजना का विकास तथा फेरी बाजारों का विकास ।।
3 फेरी व्यवसायियों का आधारभूत बचत बैंकों जमा खाता खोलकर बैंकों से जुड़वा ।।
4 कार्य शील पूंजी आवश्यकता हेतु बैंकों से जुड़ावा।।
5 उकौशल विकास तथा सामाजिक सुरक्षा समन्वयन।।

शहरी निराश्रितों हेतु आश्रय योजना रैन बसेरा इस योजना के अंतर्गत शहरों में प्रति 1 लाख शहरी जनसंख्या पर तथा जिला मुख्यालयों में स्थायी सामुदायिक आवासों यानि रैन बसेरों का निर्माण किया जाता है। प्रत्येक रैन बसरों में 50 से 100 व्यक्तियों के निवास की सुविधा होती है। इसके अतिरिक्त किचन,पानी, शौचालय , बिजली, मनोरंजन जैसी समस्त अवस्थापना सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करवाई जाती है। यहां रहने वालों में से 10 प्रतिशत ( वृृद्ध,निशक्त,दिव्यगों, अथवा विधवाओं हेतु )को मुफ्त योजना व अन्य सुविधएं उपलब्ध करवाई जाती हैं। इन रैन बसैरों के सदंर्भ में निम्नाकिंत तथ्य . अवस्थाना सुुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करवाई करवाई जाती है। यहाँ रहने वालों में से 10 प्रतिशत (वृृद्ध ,दिव्यागों अथवा विधवाओं हेतु) कों मुफ्त भोजन व अन्य सुविधाओं उपलब्ध करवाई जाती है। इन रैन बसेरों के सदर्भ में निम्नाकिंत तथ्य.।

1 प्रति व्यक्ति न्यूनतम 5 वर्गमी. अथवा 50 वर्ग फिट की उपलब्धता सामाजिक सुरक्षा तथा अनुमन्यताओं हेतु जुड़ाव। 2 निर्माण लागत 90;10 के अनुपात मे भारत सरकार से प्राप्त होगी। संचालन एवं रख रखाव लागत 90;10 की अनुपात में भारत सरकार में 05 वर्ष हेतु प्राप्त होगी

मित्रो अगर आप इसके लिए योग्य है तो इस योजना का लाभ जरूर ले यह से सीधे वेबसाइट पर जाए

https://aajeevika.gov.in/

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